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  I was a small boy when John Wayne died in 1979. But even at that age  I loved the films of John Wayne and watched them in cinema halls with
Role of Inner Strength in our Life The inner strength should be the most important part of every human being since no one can do a thing properly without
Life is not that easy Most of us cannot tolerate untidiness around us be it our home or office. In fact we hate our foolishness and we curse ourselves

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आज के ज़माने में बच्चोंकी पढ़ाई वो भी उच्चस्तर पर बहुत ही आवश्यक एवं माँ बाप का चिंता का विषय हो गई है | बच्चा दो बरस का हुआ नहीं कि उसे अच्छेसे अच्छा स्कुल में डालनेकी दौड़ शुरू हो जाती है | हर माबाप कि इच्छा होती है अपना बच्चा सर्वज्ञानी हो, ये भी ठीक है पर बच्चे के उम्र का तो लिहाज होना चाहिए | यह उसके खेलने कि मौजमस्ती कि उम्र है या स्कुल जानेकी,प्ले स्कुल है तो क्या हुआ!है तो स्कुल ही| आगे तो और पुस्ताकोंका बोजा सर पर उठाए बच्चा,आठ आठ घंटे स्कुल में बिता रहा है | स्कुल के बाद ट्यूशन ,फिर स्कुल और ट्यूशन में दिया गया गृहकार्य | माबाप का गृहकार्य अलगसे करना पड़ता है|

ये पढ़ाई का बोज हम कबतक बच्चोंपर डालते रहेंगे | आज हर जगह चर्चा हो रही है कि ये बोजा ब्च्चोंपर न आये इसके लिए हमे क्या कदम उठाने होंगे ?

इसके अलावा हर बच्चा भी गुनपत्रिका में अच्छे से अच्छे अंक प्राप्त करना चाहता है | अगर वो ना प्राप्त कर सका तो उसकी मानसिकता पर परिणाम होजाने कि संभावना होसकती है | देखागाया है कि ऐसे में बच्चोंकी मानसिक स्थिति बिगड़ जाती है और वह आत्महत्या जैसे भारी कदम भी उठाते है |

ये ना बच्चोंके हित में है ,ना माबाप के, नाही समाजके | ऐसे में हमे हमारे शिक्षा प्रणाली के बारे में फिरसे सोचने कि आवश्कता है और आज इस पर विचार हो भी रहा है | हमारे आदरणीय शिक्षा मंत्री महोदय श्री सीब्बल जी ने शिक्षाप्रणाली में परिवर्तन लाने के लिए पहला कदम उठाया है | परीक्षा प्रणाली में काफीबदलाव किये है | कक्षा आठवी तक कोई बच्चा अनुतिर्ण न हो इसके लिए अभ्यासपूर्वक सूचि तयार कि गई है |

अन्य देशोंकी तरह हमारे देश में भी व्यवसायभिमुख शिक्षा देने कि आवश्यता है क्योंकि आज हर देश में नौकरी कि कमिया महसूस होने लगी है | हर बच्चा आगे जाकर अपने पैरोंपर खड़ा होसकता है | अपना खुदका व्यवसाय शुरू कर सकता है |

हर बच्चा एक हीरे जैसा होताहै ,बस उसपर अच्छी कारीगिरी होनी चहिये| फिर उसे चमकने में देर नही लगेगी | हर बच्चे का अपना एक हुनर होताहै उसे परखनेकी जरुरत है | आज विद्यालय से महाविद्यालय तक हर शाखा ,हर विषय , हर संशोधन विद्यार्थीका पसंददीदा होना चाहिए | तांकि पढाई बोज नही बल्कि आनंददाइ लगे और छोटे से बड़ा विद्यार्थी बिना बोज महसूस किये हसते हसते पढ़े |

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