भूमिका

 उम्र के बढ़ने के साथ-साथ पेशियों पर दबाव पड़ता है। अधिक दबाव और विकारों के कारण हड्डियों में कैल्शियम और दूसरे खनिज पदार्थो की कमी होती है और पेशियां कमजोर हो जाती है। रीढ़ की हड्डियां चोट, दबाव और किसी भी प्रकार के विकार के कारण तनावग्रस्त होती है तो उनमें दर्द होता है। ऐसी महिलाएं जो स्लिम डिस्क और पेशियों की दुर्घटनाओं की शिकार होती हैं, उन्हें ज्यादा दर्द होता है। विटामिन -बी की कमी, लम्बी बीमारी, गंभीर शारीरिक विकृति के कारण पीठ और कमर में दर्द होता है।

कमर दर्द के लक्षण

 1 अधिक काम या परिश्रम करने वाली महिलाएं, जो आराम नहीं करती वह कमर दर्द से पीड़ित रहती हैं।
 2 आलसी और बिल्कुल काम न करने वाली महिलाएं भी कमर दर्द से पीड़ित रहती हैं।
 3 पौष्टिक भोजन नहीं करने वाली महिलाएं भी कमर दर्द से अक्सर पीड़ित रहती हैं। समय से भोजन न करने वाली और आहार के नियमों के विपरीत जाने वाली महिलाओं को  कमर   दर्द की शिकायत रहती है।
 4 जो महिलाएं बिना मतलब देर रात तक जागती हैं,दिन में भी आराम नहीं करतीं, कमर दर्द से पीड़ित रहती हैं।
 5 उठने का, बैठने का और चलने-फिरने का गलत तरीका भी कमर दर्द का कारण बनता हैं।
 6 कफ, वात और पित्त की मरीज महिलाओं की कमर में अकड़न होती है। कमर जिधर अकड़ जाती है उधर दर्द होता है।
 7 जो महिलाएं बहुत ज्यादा काम करती रहती है, उन्हें पीठ दर्द की शिकायत रहती है, जरुरत से ज्यादा काम नहीं करना चाहिए, पीठ के हिस्सों पर ज्यादा बल देकर काम करने से पीठ में दर्द होता है।

कमर दर्द के उपचार

 1 कमर में होने वाले दर्द के लिए कुछ विशेष प्रकार की एक्सरसाइज होती है। कमर की पेशियों और नसों को ताकत प्रदान करने के लिए एक्सरसाइज जरुर करें। जब एक्सरसाइज करना शुरू करें तो नियम बीच में नहीं छोड़ना चाहिए।
 2 महिलाओं को अपने काम करते समय दिशाएं और मुद्राएं बदलते रहना चाहिए। लगातार एक ही जगह बैठकर काम नहीं करना चाहिए।
 3 मोटी महिलाओं को कमर दर्द की शिकायत रहती है उन्हें चाहिए की वे शरीर में कोलेस्ट्राल न जमा होने दें। जोड़ों को बुरे असर से बचाने के लिए व्यायाम करते रहना जरुरी है।
 4 सामान्य प्रकार के दर्द से छुटकारा पाने के लिए मालिश एक बहुत अच्छा उपाय है। कमर और पीठ की अच्छी तरह से मालिश करानी चाहिए। ज्यादा थका हुआ होने पर मालिश कराने से पेशियों को बहुत आराम मिलता है।
 5 अधिक काम करने वाली महिलाओं को आराम करने के लिए भी समय निकालना चाहिए। रात में गहरी नींद लेनी चाहिए। गहरी नींद लेने से पेशियों को बल मिलता है और खून में हार्मोन की मात्रा बढ़ती है।
 6 जो महिलाएं अधिक ऊंची एड़ी यानि हाई हील के चप्पल या सैंडल पहनती है, वह भी पेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ने के कारण दर्द से पीड़ित रहती है। इसलिए मुलायम जूते और चप्पलों का इस्तेमाल करना चाहिए। 


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